जामताड़ा में हत्या के एक मामले में मुख्य आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। सह आरोपी को 10 वर्ष की जेल हुई है। मंगलवार को अदालत में हत्या के मामले में सजा के बिंदुओं पर अंतिम सुनवाई हुई। इसमें तृतीय जिला जज देवेश कुमार त्रिपाठी की कोर्ट ने आरोपी बीजू गोराई को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में दूसरे आरोपी काजल गोराई को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कारावास एवं 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा दी गई है। सजा के बाद दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा जामताड़ा भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार इन आरोपियों के खिलाफ बागडेहरी थाना में कांड संख्या 37/ 15 दर्ज था। यह प्राथमिकी जयदेव धीवर ने दर्ज कराई थी। घटना 17 अप्रैल 2015 की है। घटना के दिन पीड़ित सुरक्षाकर्मी के रूप में तालाब की रखवाली कर रहा था आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल स्थित बांकुड़ा अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को भा.द.वि 302 के तहत आजीवन कारावास 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाया है। अन्य आरोपी काजल गोराई को 307 भा.द.वि. में 10 वर्ष कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त 6 माह के कारावास काटनी होगी। न्यायालय ने आरोपी को सोमवार को ही दोषी करार दिया था।

