गोड्डा : जिला जज प्रथम शिवपाल सिंह के न्यायालय ने गंगटा के चाय दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या करने के दो आरोपित गंगटा गुम्मा निवासी मुकेश रमाणी एवं भूजल उर्फ मंजूल रमाणी को दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। इसके अलावा मृतक की पत्नी व बच्चे के पुनर्वास के संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को अदालत ने निर्देशित कराया है।
घटना को लेकर 15 मई 2008 को नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी में गंगटा निवासी रामप्यारी देवी ने कहा कि 13 मई 2008 की सुबह आठ बजे आरोपित उनकी चाय दुकान में आए और चाय पिलाने के लिए कहा। रामप्यारी देवी के पति हराधन रमाणी ने कहा कि दुकान में जो पहले ग्राहक आए हैं, उसके चाय देने के बाद ही आपसबों को चाय दे पाएंगे। इस पर आरोपित मुकेश रमाणी और मंजूल रमाणी ने धमकी दी कि जिस तरह शुक्ला डीलर के हाथ-पैर तोड़ दिए थे, वही हाल तुम्हारा भी करेंगे।
रामप्यारी देवी ने कहा कि 15 मई 2008 को जब उनका पति हराधन रमाणी चाय बेच रहा था तो उस समय दुकान में अपने बच्चे के साथ मैं भी मदद कर रही थी। इसी बीच आरोपित आए और उसके पति के साथ लाठी-डंडा व लोहे के रड से मारपीट करने लगा। मार खाते-खाते उसके पति की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष दस गवाहों का परीक्षण कराया गया। उभय पक्षों की दलील सुनने के उपरांत न्यायालय ने दोनों आरोपितों को 302 भादवि में दोषी पाकर आजीवन कारावास व 10 हजार जुर्माना भरने की सजा सुनाई।

