जमशेदपुर : सीतारामडेरा में एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को थाने में छोड़कर मंगलवार की सुबह हथकड़ी समेत खुद फरार हो गया। जबकि उसने खुद थाने में आत्मसमर्पण किया था। इस दौरान वह अस्वस्थ भी चल रहा था। जिसके कारण पुलिस उसे थाना हाजत में बंद ना कर सिरिश्ता में रखा था। वहीं सोमवार की रातभर वह थाने में उल्टी करता रहा। जिसको लेकर पुलिस उसे थाने में ही बैठा रखा था। मगर अचानक से उसका थाने से हथकड़ी समेत फरार होना पुलिस के लिए भी पहेली बन गई है।
मामले में बताया जा रहा है कि सीतारामडेरा थाना अंतर्गत कल्याणनगर निवासी धीरज कुमार पर अब प्रेमिका का भी विश्वास नहीं रहा। उसने पुलिस को बताया कि उसे नहीं पता था कि प्रेमी उसके साथ इस तरह से धोखेबाजी करेगा। थाने में नाबालिग लड़की के साथ-साथ नाबालिग के माता-पिता भी बैठे हुए थे। इसी बीच प्रेमी धीरज सभी को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। घटना के बारे में सीतारामडेरा थाना प्रभारी अखिलेश्वर मंडल ने कहा कि जब आरोपी धीरज को फरार ही होना था तो उसने आत्मसमर्पण क्यों किया।
नाबालिग अपहरण मामले में उसके खिलाफ परिजनों ने शिकायत की थी।जिसके बाद पुलिस के दबाव के कारण धीरज ने सोमवार को ही थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था और मंगलवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेश करती। मगर इससे पहले ही वह पुलिस को चकमा देकर रस्सी काटकर हथकड़ी समेत थाने से फरार हो गया। जबकि पुलिस ने मंगलवार नाबालिग का एमजीएम अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में उसका 164 का बयान भी कराया। वहीं भी अपने प्रेमी के करतूत से परेशान हो गई है। उसने पुलिस को बताया कि उसे नहीं पता था कि उसका प्रेमी उसे अधर में छोड़कर फरार हो जाएगा। अब वह मेरे लायक नहीं है। फिलहाल पुलिस फरार प्रेमी की गिरफ्तारी के लिए संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

