रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल दिनेश गोप जेल में बंद है और बुधवार को उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईडी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कौन है दिनेश गोप?
दिनेश गोप झारखंड के खूंखार उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का सरगना है।
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करीब एक दशक पहले तक इस संगठन का प्रभाव रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और चाईबासा जिले के कई हिस्सों में था।
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संगठन पर लेवी वसूलने, हत्या और हिंसक घटनाओं में शामिल रहने का आरोप रहा है।
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कहा जाता है कि दिनेश गोप जेल में रहने के बावजूद संगठन की गतिविधियों को नियंत्रित करता रहा है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
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दिनेश गोप को पुलिस ने मई 2023 में गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तारी के बाद उसे रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रखा गया।
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सुरक्षा कारणों और जेल से संगठन चलाने की आशंकाओं को देखते हुए उसे कई बार अन्य जेलों में भी शिफ्ट किया गया।
ईडी की कार्रवाई
ईडी ने दिनेश गोप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
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एजेंसी का आरोप है कि उसने लेवी के जरिए वसूली गई रकम को मनी लॉन्ड्रिंग कर अवैध संपत्ति बनाई।
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इसी मामले में बुधवार को ईडी ने उसे जेल में रहते हुए ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
आगे की कार्रवाई
ईडी अब दिनेश गोप की काली कमाई और अवैध संपत्तियों की जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।