झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने बुधवार को जमशेदपुर में दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन भी उनके साथ थीं। CM ने स्व. रामदास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने एक्स (X) अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा किया।
अपने पोस्ट में CM सोरेन ने लिखा कि बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद रामदास दा का असमय चले जाना उनके लिए असहनीय दुख का कारण है। उन्होंने कहा, “प्रकृति की गोद में बाबा दिशोम गुरुजी के चले जाने के बाद रामदास दा का इस तरह से चले जाने की पीड़ा मेरे लिए अत्यंत असहनीय है। यह जो शून्यता बनी है, इसकी भरपाई शायद ही कभी हो पाएगी।”
उन्होंने स्व. रामदास के योगदान को याद करते हुए कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। रामदास दा का व्यवहार सरल और सहज था और वे एक क्रांतिकारी और आंदोलनकारी होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से गहरे जुड़े थे। वे हमेशा लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए तत्पर रहते थे। CM ने यह भी बताया कि स्व. रामदास शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सजग थे और इस विषय पर उनकी कई बार चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा, “राज्य में शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने को लेकर भी वे सजग रहते थे। शिक्षा को और कैसे बेहतर बनाया जाए, इसे लेकर हमारी कई बार चर्चा हुई थी।”
सीएम सोरेन ने आगे कहा कि भले ही रामदास दा अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व और कार्य हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने प्रार्थना की कि मरांग बुरु उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दे। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि इस दुख की घड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का पूरा परिवार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। अंत में उन्होंने लिखा, “महान आंदोलनकारी स्व. रामदास दा अमर रहें! अमर रहें! अमर रहें!”