महेंद्र सिंह धोनी की धरती रांची एक बार फिर क्रिकेट जगत को नया हीरो दे रही है। 25 वर्षीय अमित सिंह सिकरीवाल भारतीय घरेलू क्रिकेट के उभरते हुए चेहरे हैं। 17 दिसंबर 2000 को जन्मे अमित का सफर केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जुनून, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है।
अमित का मानना है –
“क्रिकेट रोज़ कुछ नया सीखने का नाम है। जीत हो या हार, मैदान से लौटते वक्त खिलाड़ी को पहले से बेहतर बनना चाहिए।”
क्रिकेट करियर की शुरुआत
अमित ने पहली बार बड़ा मंच चांसलर ट्रॉफी में पाया, जहाँ उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अपना जलवा दिखाया। सबसे ज़्यादा रन और विकेट लेकर उन्होंने मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता और रांची से एक नए क्रिकेट सितारे के उदय का संकेत दिया।
रणजी डेब्यू और आगे की राह
झारखंड U19, U23 और ईस्ट जोन में शानदार प्रदर्शन के बाद अमित ने सेरसा रेलवे क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए सबका ध्यान खींचा।
साल 2024 में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश से रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया। यह कदम केवल उनके सपनों की पूर्ति नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में क्रिकेट को नई पहचान देने का प्रयास भी था।
ऑलराउंडर का जलवा
अमित को क्रिकेट जगत में ‘मिस्ट्री ऑलराउंडर’ कहा जाता है। उनकी विस्फोटक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ी और राइट-आर्म ऑफ-स्पिन ने उन्हें मैच-चेंजर बना दिया है।
कैरम बॉल, फ्लाइट और विविध स्पिन तकनीकों से वे बल्लेबाज़ों को चकमा देते हैं। यही दोहरी ताकत उन्हें हर फॉर्मेट का अहम खिलाड़ी बनाती है।
उनके प्रदर्शन को खुद महेंद्र सिंह धोनी और बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने सम्मानित किया – जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए गर्व की बात है।
क्रिकेट से बिजनेस तक ‘ऑलराउंडर’
सिर्फ मैदान पर ही नहीं, अमित ने बिजनेस में भी कमाल किया है। वे Sikriwal Developers & Decor के संस्थापक हैं, जिसने दो सालों में ही 5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया।
अमित कहते हैं –
“क्रिकेट की तरह व्यवसाय में भी अनुशासन, सही निर्णय और टीमवर्क ही सफलता की असली कुंजी है।”
सपना: भारतीय टीम और देश की अर्थव्यवस्था
अमित का सपना केवल भारतीय टीम में जगह पाना ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है। उनका कहना है:
“मैं भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए, भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में भी योगदान देना चाहता हूं।”
भविष्य की ओर कदम
सिर्फ 25 साल की उम्र में अमित एक ऐसे मुकाम पर हैं, जहाँ से वे आईपीएल और भारतीय टीम में एंट्री की ओर बढ़ रहे हैं। रांची का यह उभरता सितारा अब केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए उम्मीदों का प्रतीक बन गया है।