रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका के सुरक्षित मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम जिंदगियों का आज़ाद होना पूरे राज्य के लिए बड़ी राहत है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि “आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है?”। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिन व्यक्तिगत रूप से उनके लिए बेहद परेशान करने वाले रहे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और इस तरह की घटनाएं सभी को झकझोर देती हैं।
सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस मामले की जांच में शुरुआत में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी, लेकिन रांची पुलिस ने हार नहीं मानी। दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटनाओं के पैटर्न को जोड़ते हुए पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई और अंततः बच्चों को सकुशल मुक्त कराने में सफलता हासिल की। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को प्रशंसनीय बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जांच अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। राज्य के भीतर और राज्य से बाहर घटित बच्चों से जुड़े ऐसे मामलों की गहन पड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के अपहरण में शामिल अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने @ranchipolice और @JharkhandPolice की टीम को उनकी तत्परता, कार्यकुशलता और समर्पण के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। साथ ही उन्होंने हमारे बच्चों अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा झारखंड उनके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री का यह संदेश न सिर्फ पुलिस के हौसले को बढ़ाने वाला है, बल्कि यह भी साफ करता है कि झारखंड सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

