देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस साल गणतंत्र दिवस का मुख्य थीम ‘‘वंदे मातरम के 150 वर्ष” है. कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस समारोह की अगुवाई करेंगी, जो सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे. समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाने से होगी. पीएम यहां शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ ‘पारंपरिक बग्गी’ में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी. परेड की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सलामी लेंगी. परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली एरिया करेंगे, जो दूसरे पीढ़ी के अधिकारी हैं.परेड में पहली बार भारतीय सेना का चरणबद्ध ‘बैटल ऐरे फॉर्मेट’ प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा. इसमें एक उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेश निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन शामिल होगा.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश विरोधी तत्वों की संभावित गतिविधि को लेकर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को मिली विशिष्ट जानकारी के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. सशस्त्र सीमा बल की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने बताया कि ऐसी विशिष्ट सूचना मिली है कि 26 जनवरी को देश विरोधी तत्व कुछ हरकत कर सकते हैं. इसके मद्देनजर एसएसबी जवान सीमा से सटे सड़क, जंगल, पगडंडियों व जलीय क्षेत्र में चौबीसों घंटे सतर्कता बरत रहे हैं.

