पटना: बिहार सरकार शहर के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराना चाहती है। छात्रा के परिवार ने पुलिस की जांच में पाई गई खामियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से मामले की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ और उसकी हत्या की गई थी। इस केस में पुलिस की ओर से जांच की जा रही है, जिस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
बिहार सरकार अब इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपना चाहती है। बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं एक्स पर एक पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है। चौधरी ने पोस्ट में बताया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि यह जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई थी घटना
छात्रा की मौत की घटना पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई थी। यह छात्रा इस हॉस्टल में रहकर राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही थी। छात्रा जहानाबाद जिले की निवासी थी। छात्रा 6 जनवरी को हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था। वहां वह कई दिनों तक कोमा में रही और 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
छात्रा से दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप
मृत छात्रा के परिवार ने उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रा का परिवार पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है और वह इस केस की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग कर रहा है। छात्रा के पिता ने 28 जनवरी को इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे।
संदिग्धों के खून के सैंपल लिए गए
इससे एक दिन पहले 27 जनवरी को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से जांच कराए जाने के लिए 11 लोगों के खून के सैंपल लिए गए थे। इन लोगों में हॉस्टल की मालकिन, मृत छात्रा के परिवार के पांच सदस्य और छह अन्य संदिग्ध व्यक्ति शामिल थे। मामले में संदिग्ध वे लोग भी हैं जिन्हें सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। उन लोगों को भी संदिग्ध माना जा रहा है जो छात्रा को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए थे। इन सभी संदिग्धों के खून से डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि उनके इस अपराध से किसी भी तरह के संबंध का पता चल सके।
छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म
हॉस्टल में रहने वाली यह छात्रा नाबालिग थी, जिसकी पुष्टि उसके आयु प्रमाण पत्र से हुई है। इस वजह से इस केस में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से सुरक्षा (पॉस्को) अधिनियम के प्रावधानों को लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है। एफएसएल की जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म (वीर्य) मिलने की पुष्टि हुई है। इससे दुष्कर्म के संदेह को और भी बल मिला है। छात्रा के परिवार ने उसके कपड़े 10 जनवरी को पुलिस को सौंपे थे। फॉरेंसिक साइंस लैब की ओर से जांच रिपोर्ट दो दिन पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई है।
पीएम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की आशंका जाहिर
पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में किए गए पोस्टमार्टम में भी दुष्कर्म की आशंका जताई गई है। जबकि पुलिस की शुरुआती जांच में इसके बिल्कुल विपरीत बात कही गई थी। जांच में कथित खामियां सामने आने के बाद पुलिस के दो स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की रोशनी कुमारी और कदमकुआं पुलिस स्टेशन के हेमंत झा को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को तलब किया था। इस मुलाकात के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को बुलाकर इस मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा की थी।

