रांची: रांची के नामकुम और टाटीसिलवे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र प्रायोजित आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना के तहत इन दोनों इलाकों में स्मार्ट पावर सब स्टेशन और ग्रिड निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कहां बनेंगे नए सब स्टेशन?
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नामकुम के केतारी बगान के आसपास तथा टाटीसिलवे में स्वर्णरेखा नदी के निकट प्रस्तावित स्थलों पर आधुनिक तकनीक से लैस सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
वर्तमान में नामकुम और चुटिया क्षेत्र में बिजली का लोड अधिक होने के कारण बार-बार लोड शेडिंग, जंपर उठने और फ्यूज उड़ने जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे में नए सब स्टेशन बनने से मौजूदा व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा।
दूसरे चरण में होगा निर्माण कार्य
बिजली विभाग के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि आरडीएसएस योजना के पहले चरण का कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि दूसरे चरण में सब स्टेशन और ग्रिड निर्माण प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि इन पावर सब स्टेशनों का निर्माण वर्तमान और भविष्य की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
नामकुम, चुटिया व टाटीसिलवे की बड़ी आबादी को लाभ
इन परियोजनाओं से नामकुम, चुटिया, टाटीसिलवे समेत आसपास के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि हजारों उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
हालांकि, योजना के क्रियान्वयन में सरकारी भूमि की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। विभागीय अधिकारी उपयुक्त जमीन की तलाश में जुटे हैं। यदि समय पर भूमि आवंटन नहीं हो सका, तो योजना को अन्य डिवीजन में स्थानांतरित करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
कोकर में दो माह में तैयार होगा सब स्टेशन
इस बीच झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की ओर से कोकर स्थित डिवीजन ऑफिस परिसर में पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अगले दो महीनों में इसका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस सब स्टेशन के चालू होते ही कोकर, लालपुर, बरियातू समेत आसपास के क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा और बार-बार होने वाली तकनीकी समस्याओं से राहत मिलेगी।
विभाग का दावा है कि स्मार्ट तकनीक से लैस इन सब स्टेशनों के शुरू होने के बाद राजधानी की बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, सुरक्षित और आधुनिक होगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी।

