बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश के बाद अब झारखंड में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर कराने का शेड्यूल तय कर दिया गया है. झारखंड में अप्रैल महीने में एसआईआर कराया जाएगा. इसको लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है. एसआईआर को लेकर मैपिंग का काम पहले से ही जारी था. अब भारत निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखी गई चिट्ठी में अप्रैल महीने में एसआईआर शुरू करने की बात कही गई है.
एसआईआर को लेकर अब झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी और गहमागहमी तेज हो गई है. राजनीतिक दल आमने सामने आ गए हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च तक हर तैयारी को पूरा करने के निर्देश मिले हैं.
झारखंड में एसआईआर कराना बहुत जरूरी: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने एसआईआर को झारखंड के लिए बहुत जरूरी बताया है. भाजपा के प्रवक्ता शिवपूजन पाठक ने कहा कि झारखंड इस देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और जैसे अन्य प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, झारखंड में भी यह उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी घुसपैठियों के विषय में लगातार आवाज उठा रही है और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से सभी बातें स्पष्ट हो जाएंगी.

