बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। अब तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर उनके जन्मदिन के बाद से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी निशांत की इंट्री को लेकर अटकले तेज हुई थी। चुनाव के बाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के समय भी निशांत मुख्य रूप से सक्रिय दिखे थे। उसके बाद लगातार उनकी चर्चा होती रही है।
हालांकि निशांत अब तक सार्वजनिक तौर पर सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे हैं। वे बेहद सादगीपूर्ण और लो प्रोफाइल जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई, लेकिन राजनीति से दूरी
निशांत कुमार ने अपने पिता की तरह तकनीकी शिक्षा हासिल की है। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट करेन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने झारखंड के प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री ली। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी।
निशांत को अध्यात्म और शांत जीवन पसंद बताया जाता है। यही वजह रही कि मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद वे कभी सक्रिय राजनीति में सामने नहीं आए।
परिवार और निजी जीवन
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं। उनकी मां मंजू सिन्हा का निधन 2007 में हो गया था।
करीब 50 वर्ष के हो चुके निशांत अब तक अविवाहित हैं। वे अक्सर पटना में ही रहते हैं और सार्वजनिक जीवन में कम ही दिखाई देते हैं।
राजनीतिक मंचों से दूरी के बावजूद वे समय-समय पर अपने पिता के साथ कार्यक्रमों में नजर आते रहे हैं। हालांकि उन्होंने कभी नेतृत्व की भूमिका नहीं निभाई।
सियासत में एंट्री की चर्चा तेज
हाल के महीनों में निशांत कुमार ने कुछ राजनीतिक बयान जरूर दिए हैं। अपने जन्मदिन के मौके पर उन्होंने कहा कि उनके पिता ही मुख्यमंत्री बनेंगे और एनडीए को बहुमत मिलेगा।
इस बयान के बाद पत्रकारों ने उनसे राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा, लेकिन उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
हालांकि जेडीयू के कई नेताओं ने समय-समय पर उनकी राजनीति में एंट्री की मांग उठाई है। पार्टी के अंदर भी युवा चेहरे के रूप में उन्हें आगे लाने की चर्चा होती रही है।
जदयू में शामिल होने की तैयारी
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता लगातार निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि निशांत कुमार 5 मार्च को जदयू की सदस्यता लेकर औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रख सकते हैं। इसके लिए पार्टी ने स्वागत की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
अगर ऐसा होता है तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
कितनी है निशांत कुमार की नेटवर्थ
निशांत कुमार बेहद सादगी से जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं। सार्वजनिक तौर पर उन्होंने कभी अपनी संपत्ति या व्यवसाय को लेकर चर्चा नहीं की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में बताई जाती है, जिसमें मुख्य रूप से पारिवारिक संपत्ति और निवेश शामिल हैं।
हालांकि उनके पास कोई बड़ा कारोबार या राजनीतिक पद नहीं है। इसके बावजूद वे बिहार के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक के वारिस हैं।

