जमशेदपुर: झारखंड में अपराध पर पूर्ण अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए राज्य पुलिस ने एक आक्रामक रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों से उन कुख्यात अपराधियों का ब्योरा मांगा है, जो गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एक प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पुलिस विभाग करीब 200 ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर रही है, जिन पर जल्द ही इनाम घोषित किया जाएगा। यह कदम उन तत्वों के खिलाफ उठाया जा रहा है जो कानून का डर खत्म करने और समाज में भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने लिया एक्शन
पुलिस की यह विशेष कार्रवाई मुख्य रूप से उन अपराधियों पर केंद्रित है जो हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, धमकी और आगजनी जैसी वारदातों के मुख्य आरोपी हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्य में कई ऐसे मामले हैं जिनमें कोर्ट से वारंट जारी होने के बावजूद अपराधी भूमिगत हो गए हैं और पुलिस की पहुंच से दूर हैं। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रिय अपराधी गिरोहों और उनके सरगनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा है कि लंबे समय से फरार चल रहे इन अपराधियों की गिरफ्तारी हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए, और इसके लिए इनाम की घोषणा एक प्रभावी माध्यम साबित होगी।
अपराधियों पर इनाम
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह अभियान केवल इन 200 अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस की रणनीति इन अपराधियों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की है। इसके तहत उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जो पर्दे के पीछे रहकर इन अपराधियों को पनाह देते हैं, उनकी आर्थिक मदद करते हैं या उनके गिरोह को संचालित करने में सहयोग करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही इन अपराधियों पर इनाम घोषित होगा, आम जनता से मिलने वाली सूचनाओं में तेजी आएगी, जिससे इन तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

