रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को असम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। चुनावी सरगर्मी के बीच सीएम का यह दौरा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से बहुत ही खास हो सकता है। सीएम सोरेन असम दौरे पर कई सभाओं और कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान हेमंत सोरेन असम में रह रहे झारखंड मूल के आदिवासियों के बीच कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और उनसे संवाद भी करेंगे। सीएम सोरेन एक बार फिर आदिवासियों का मुद्दा उठा सकते हैं।
तिनसुकिया में हेमंत सोरेन ने उठाया था आदिवासियों का मुद्दा
दरअसल कुछ दिन पहले सीएम हेमंत सोरेन ने तिनसुकिया में एक कार्यक्रम के दौरान असम में रह रहे झारखंडी मूल के आदिवासियों के अधिकारों और सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसी को देखते हुए माना जा रहा है कि सीएम सीरेन फिर से आदिवासियों के मुद्दे को उठाएंगे।
बता दें, झामुमो का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंत्री चमरा लिंडा के नेतृत्व में असम का दौरा कर चुका है, जिसने वहां के आदिवासियों की स्थिति पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी।
असम जाने से एक दिन पहले राज्यपाल से मिले हेमंत सोरेन
असम रवानगी से ठीक पहले सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान सीएम ने राज्यपाल को राज्य में चल रही विभिन्न विकासपरक और जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति से अवगत कराया।
विधानसभा में नियुक्तियों पर तकरार
सोमवार को झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सरकारी नौकरियों में रिक्तियों का मुद्दा गरमाया रहा। भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के सवाल का जवाब देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सरकार का पक्ष रखा।
मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में अब तक 30,000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। पिछले 20-25 वर्षों से लंबित रिक्तियों को वित्तीय संसाधनों और आवश्यकता के अनुसार भरा जा रहा है। जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी है।
73 हजार पद अब भी खाली: भाजपा
वहीं, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने ‘मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में अब भी लगभग 73,000 पद रिक्त हैं। इसी क्रम में रांची विधायक सी.पी. सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वित्तीय संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर नियुक्तियों को टाला जाएगा? उन्होंने पूछा कि क्या विभाग जब तक मांग नहीं करेंगे, तब तक पद खाली ही रहेंगे?

