विधायक कल्पना सोरेन ने गुरुवार को विधानसभा में झारखंड के किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने कई फलों, सब्जियों एवं वनोत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि दूसरे देशों में इनकी काफी मांग है, लेकिन वैश्विक बाजार की सुविधा नहीं होने से किसानों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने झारखंड में एग्रो एक्सपोर्ट हब की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र को भेजने तथा रांची तथा देवघर एयरपोर्ट पर फलों, सब्जियों एवं अन्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए लैब स्थापित करने का सुझाव राज्य सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गुणवत्ता की जांच के लिए कोलकाता एयरपोर्ट भेजा जाता है, जिसमें काफी परेशानी होती है।
कल्पना सोरेन ने कहा कि राज्य में अदरक, महुआ, कटहल, टमाटर, इमली समेत कई प्रकार के फल-सब्जियों और कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, लेकिन गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा नहीं होने के कारण किसानों को वैश्विक बाजार का लाभ नहीं मिल पाता।
उन्होंने राज्य में कृषि और वन उत्पादों की मैपिंग कर एक स्पष्ट योजना तैयार करने और उनके वैश्विक बाजार में खपत का आकलन करने का सुझाव दिया।
इस पर जवाब देते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भविष्य में मानक गुणवत्ता परीक्षण की आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। उसपर कुछ क्वेरी किया गया, जिसका जवाब देने के बाद प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।
उन्होंने विधायक के सुझाव पर एक बार फिर उसपर प्रयास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार की टीम के साथ उसपर बात करने का आश्वासन दिया। उन्होंने उनके सभी सुझावों पर विचार करने का भी आश्वासन दिया।
इससे पहले कल्पना सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने हरित ग्राम योजना के तहत कई फलदार पौधे लगाए हैं जो बड़े हो गए हैं। आनेवाले वर्षों में फलों का उत्पादन होगा, जिसके लिए वैश्विक बाजार की आवश्यकता होगी।

