झारखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अपराधी अमजद गद्दी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया.
2016 में हुई थी जैप जवान की हत्या
मामला 31 जुलाई 2016 का है, जब जैप (JAP) जवान अंजन विश्वकर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अंजन विश्वकर्मा उस समय पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी की सुरक्षा में तैनात थे. साप्ताहिक अवकाश के दौरान वह डोरंडा स्थित नदी किनारे मैदान में फुटबॉल खेलने गए थे. इसी दौरान वहां पहले से मौजूद अमजद गद्दी के साथ उनका विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर अमजद गद्दी ने अंजन विश्वकर्मा को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
निचली अदालत दे चुकी है आजीवन कारावास की सजा
इस मामले में मार्च 2019 में व्यवहार न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए एमपी मिश्रा की अदालत द्वारा अमजद गद्दी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद आरोपी ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है.
दंगा मामले में भी है आरोपी
अमजद गद्दी का नाम 26 और 27 सितंबर 2015 को डोरंडा में हुए दंगे में भी सामने आया था. इस मामले में फिरोज रिजवी को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है. हालांकि, इस दंगा मामले में दोनों आरोपियों को फिलहाल जमानत मिल चुकी है.

