उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार न केवल अपनी संरचनाएं विकसित करेगी, बल्कि फीजिक्सवाला, अनएकेडमी, ईडीएक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म को मान्यता प्रदान करेगी।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसे लेकर योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण के अधिक से अधिक विकल्प प्राप्त होंगे।
स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तथा विभाग व विश्वविद्यालयों द्वारा तैयार की जानेवाली शैक्षणिक सामग्री के अतिरिक्त थर्ड पार्टी ऑनलाइन प्लेटफार्म की सुविधा भी प्राप्त होगी।
पहले चरण में 100 कॉलेज शामिल होंगे
विभाग ने राजकीय विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों तथा अंगीभूत कालेजों में पूरी तरह डिजिटल क्लासरूम तैयार करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में इस वित्तीय वर्ष में ऐसे 100 डिजिटल क्लासरूम की व्यवस्था की जाएगी।
डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में एक-एक डिजिटल स्टूडियो स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इस स्टूडियो में डिजिटल लर्निंग मेटेरियल वीडियो के रूप में तैयार किए जाएंगे। यहां से आनलाइन लेक्चर की भी व्यवस्था होगी। ”सिंगल स्टाप” के रूप में यह ऑनलाइन सुविधा बहाल की जाएगी।
विभाग जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के शिक्षकों द्वारा इन विषयों में डिजिटल सामग्री तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया है। इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है।
पुस्तकालयों को भी डिजिटली अपग्रेड किया जाएगा
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में उपलब्ध पुस्तकालयों को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया है।
इसके लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यहां पूर्व से उपलब्ध पुस्तकों को भी डिजिटल रूप दिया जाएगा ताकि दूसरे विश्वविद्यालयों व कालेजों के छात्र भी उसका आनलाइन लाभ ले सकें।
उपस्थिति की ऑनलाइन निगरानी
विभाग ने विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में शिक्षकों, कर्मियों एवं विद्यार्थियों के लिए डिजिटल बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को स़ुदृढ़ करने की भी योजना पर काम कर रहा है।
इसे सभी उक्त संस्थानों में अनिवार्य किया जाएगा। इससे विभाग इनकी उपस्थिति की ऑनलाइन ट्रैकिंग तथा मानिटरिंग कर सकेगा। उपस्थिति के लिए डैशबोर्ड की भी व्यवस्था की जाएगी।

