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    Home»Featured»झारखंड में 20 करोड़ की फर्जी निकासी पर बड़ा खुलासा! वित्त सचिव का सख्त आदेश, वेतन भुगतान से पहले अनिवार्य जांच
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    झारखंड में 20 करोड़ की फर्जी निकासी पर बड़ा खुलासा! वित्त सचिव का सख्त आदेश, वेतन भुगतान से पहले अनिवार्य जांच

    AdminBy AdminApril 9, 2026No Comments2 Mins Read
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    बोकारो और हजारीबाग में वेतन मद में लगभग 20 करोड़ की फर्जी निकासी को लेकर वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने सभी विभागीय प्रमुखों को पत्र लिखकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तमाम कर्मियों को वेतन भुगतान करने के पूर्व पे-स्लिप और लेखा सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है।

    पत्र में उन्होंने हजारीबाग और बोकारो में हुई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया है। बताया है कि बोकारो कार्यालय से मई, 2024 से दिसंबर, 2025 के बीच 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग कार्यालय से भी विगत आठ वर्षों के दौरान 15.41 करोड़ रुपये के अवैध निकासी की जानकारी दी गई है

    पे-स्केल भत्ता आदि की जांच नहीं की जा रही

    वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने लिखा है कि वैसे कर्मी जो वास्तविक रूप से कार्यालय से संबंधित नहीं थे को वेतन का भुगतान किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक, बोकारो के मामले में एक सेवानिवृत व्यक्ति के जीपीएफ प्रोफाइल में जन्मतिथि बदलकर, उसे कार्यरत कर्मी के रूप में भुगतान किया गया।

    इस क्रम में यह पाया गया है कि कर्मियों के वेतन भुगतान के पूर्व उनको अनुमान्य वेतन, पे-स्केल भत्ता आदि की जांच नहीं की जा रही थी। सितंबर 2025 से पूर्व एक ही मोबाइल पर विपत्र लिपिक एवं निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी दोनों का ओटीपी प्राप्त किया जा रहा था, जो उचित नहीं था।

    10-12 वर्षों से एक ही कार्यालय में कार्यरत

    तमाम तथ्यों को समझाते हुए उन्होंने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा स्थापना कर्मी के नाम, पदनाम, जन्म तिथि एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का मिलान सर्विसबुक से करते हुए उनके वेतन भुगतान के पूर्व कार्यालय में उनके वास्तविक रूप से कार्यरत होने के संबंध में संतुष्ट होने का निर्देश दिया है।

    कुछ मामलों में विपत्र लिपिक पिछले 10-12 वर्षों से एक ही कार्यालय में कार्यरत थे, जिसके कारण उनके द्वारा किये गये संदिग्ध कार्य को प्रकाश में नहीं लाया जा सका। अब सभी सभी कर्मियों को वेतन भुगतान उनके पक्ष में निर्गत पे-स्लिप, सर्विसबुक में अंकित लेखा सत्यापन के आधार पर ही किया जाए।

    सर्टिफिकेट के बिना वेतन निकासी नहीं

    वेतन भुगतान के पूर्व कर्मियों के बैंक खाता संख्या का सत्यापन उनके पासबुक / चेक के आधार पर निश्चित रूप से कर लिया जाए। इन बिंदुओं से संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा विपत्र में सर्टिफिकेट अंकित किया जाना आवश्यक होगा। उक्त सर्टिफिकेट के बिना कोषागार से किसी प्रकार का वेतन निकासी नहीं की जाएगी।

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