जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में ब्लैक फंगस से अब तक सात मरीज भर्ती हुए हैं इनमें से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि शेष मरीज इलाजरत हैं। टीएमएच के स्वास्थ्य सलाहकार डा. राजन चौधरी ने शुक्रवार शाम टेली कांफ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी।
बकौल डा. चौधरी, ब्लैक फंगस को लेकर एम्फोटेरिसिन बी दवा खत्म हो चुकी है। इसके लिए हमने झारखंड सरकार सहित स्थानीय जिला प्रशासन को भी सूचित कर दिया है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग स्टेज में ब्लैक, व्हाइट व ऑरेंज फंगस होते हैं जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग स्टेज में अलग-अलग फंगस आते हैं यह कोई नई बीमारी नहीं है लेकिन जिनका ब्लड शुगर अनियंत्रित है या जिन्हें फेफड़े का संक्रमण है या फिर जिन्हें ज्यादा एंटी फंगल दवा व स्टेरॉयड दिया गया है वे इसके शिकार होते हैं।
यह आंख, नाक व दिमाग को प्रभावित करता है। इसका एकमात्र इलाज है कि जहां भी यह वायरस है उसे ऑपरेशन कर हटा दिया जाए। इसमें कई बार मरीजों की आंखों को भी निकाल दिया गया है। इसके बचाव का एकमात्र उपाय है कि बिना डाक्टरी जांच के स्टेरॉयड न लें। इसके मरीजों को सिर में एक तरफ दर्द, आंख से एक आकृति का दो दिखना सहित अन्य लक्षण शामिल हैं।

