मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कृषि व उससे संबद्ध कार्यों को गति देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अगले तीन वर्षों की कार्य योजना बनाएं। राज्य के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने के लिए अभियान चलाएं। इस मौके पर कृषि मंत्री बादल, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबु बकर सिद्दीकी, निदेशक सहकारिता मृत्युंजय बर्णवाल, निदेशक कृषि निशा उरांव, निदेशक मत्स्य प्रभाग एचएन द्विवेदी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड अग्रणी राज्य बन गया है। अब दूध और अंडा उत्पादन में भी झारखंड को को अग्रणी बनाना है। इसके लिए टारगेट तय करना होगा, जिससे दूध उत्पादन में राज्य आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही, पशुपालन के क्षेत्र पर भी ध्यान देने की जरूरत है। क्षेत्र की भौगोलिक रचना और वहां के लोगों की रुचि के अनुरूप पशुपालन को बढ़ावा देना है। विभाग अपनी कार्ययोजना में इन बातों का समावेश कर कार्य करे।
केसीसी के लिए आवेदन जमा करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने के लिए प्रखंड स्तर पर विशेष अभियान चलाएं। 15 जुलाई तक किसानों से आवेदन प्राप्त करना सुनिश्चित होना चाहिए। शिविर लगाकर आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी करें। अगर बैंक से सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा हो तो बैंक से विभाग स्पष्टीकरण मांगे। राज्य के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने का लक्ष्य लेकर सरकार कार्य कर रही है।

