रांची: रांची नगर निगम को अवैध निर्माण को तोड़ने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट से एक के बाद एक झटका मिल रहा है। पहले अपर बाजार फिर सेवा सदन को तोड़ने के आदेश पर रोक लगाई गई। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना अब रांची बंधु नगर में घर तोड़ने नगर आयुक्त के आदेश को झारखंड हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
इस मामले में बंधु नगर के लोगों ने याचिका दाखिल की थी। इसकी सुनवाई सोमवार को हुई। अदालत ने कहा कि इस मामले में प्रार्थियों को सुनवाई के मौके नहीं मिला है। इसलिए दो सितंबर को नगर आयुक्त सभी प्रार्थियों के आवेदन पर सुनवाई कर उचित निर्णय लेंगे।
लोगों ने कोर्ट में कहा- उनके साथ हो रहा है अन्याय
कोर्ट में प्रार्थी के वकील ने कहा कि उन लोगों को किसी प्रकार कोई नोटिस नहीं मिला है। अखबार में इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद इन लोगों ने नगर आयुक्त के यहां आवेदन दिया, लेकिन उन्होंने उनका बिना पक्ष सुने ही घर तोड़ने का आदेश जारी कर दिया। यह नैसर्गिग न्याय के खिलाफ है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से की जाने वाली कार्रवाई झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट- 2011 के नियमों के विरुद्ध है।ऐसे में नगर निगम के आदेश पर रोक लगाते हुए इसे निरस्त किया जाए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही निगम चला रहा है अभियान
इसके बाद कोर्ट ने निगम के आदेश को निरस्त कर दिया। बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद रांची शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हाई कोर्ट ने इसको लेकर रांची उपायुक्त और नगर आयुक्त को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

