रांची: रांची में कोरोना के बढ़ते मामले के बाद जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब किसी भी कोविड के मरीज को होम आइसोलेशन पर नहीं रखा जाएगा। बल्कि ऐसे मरीजों को चिन्ह्ति करने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो और कोरोना के मामले न बढ़े। इसके लिए इंसीडेंट कमांडर को दिशा निर्देश दिया गया है।
उपायुक्त छवि रंजन ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराएं, जहां शिक्षकों ने वैक्सीनेशन नहीं लिया है। अगर ऐसे शिक्षकों की संख्या किसी भी स्कूल में ज्यादा है तो वहां विशेष कैंप लगाकर सभी शिक्षकों को वैक्सीनेशन देने का काम करें ताकि स्कूली बच्चे कोरोना की जद में ना आए। पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सेंटरों पर नियमित वैक्सीनेशन का कार्य जारी रहे। अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन का लाभ मिल सके। वहीं इस सिलसिले में उपायुक्त छवि रंजन ने कोविड टास्क फोर्स की विशेष बैठक बुलाकर नोडल पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि दूसरी लहर के दौरान कई लोग की मौत कोविड संक्रमण की चपेट में आने से हुआ था। हर रोज कोविड के मामलों के कारण अस्पतालों में भी बेड और ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। चारों तरफ अव्यवस्था का आलम था। जिसके कारण जिले में कई लोगों को बेड नहीं मिलने से मौते हो गई थी। पुरानी स्थिति उत्पन्न ना हो इसलिए उपायुक्त के स्तर पर कोई टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर एहतियातन कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

