धनबाद :जज उत्तम की हत्या मामले में CBI के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। CBI ने इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी है। CBI ने बताया है- ‘इस दिशा में जांच शुरू कर दी गई है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है।’ इस पर चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण और जस्टिस की अदालत ने CBI को अगले सप्ताह रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
उधर, राज्य के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) को अपग्रेड करने के मामले में राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए कहा- ‘अगले छह माह में अपग्रेड करने के लिए फंड जारी कर दिया जाएगा।’ इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और सरकार के जवाब को नामंजूर कर दिया। अदालत ने कहा- ‘हमें ठोस परिणाम चाहिए।’
JPSC और JSSC पर भी कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- ‘रिक्त पदों को भरने को लिए तेजी दिखाएं। कुंभकर्ण की तरह नहीं सोएं। तीन माह में सभी रिक्तियों को भरे, नहीं तो अदालत सख्त आदेश जारी करेगी।’
कोर्ट ने कहा- अधिकारी रात भर जाग कर काम करें
राज्य के सारे मोबाइल लैब पुराने हो गए हैं। एक भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में FSL सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। अदालत ने अगली सुनवाई को गृह विभाग के प्रधान सचिव और FSL निदेशक को ठोस योजना बनाकर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा- ‘जरूरत पड़ी तो अधिकारी रात भर जाग कर काम करें।’ दोनों को अदालत ने इस दिन कोर्ट में हाजिर होने का भी निर्देश दिया है।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था
पिछली सुनवाई के दौरान CBI के ज्वाइंट डायरेक्टर अदालत में स्वीकार किया था कि बिल्कुल साफ हो गया है कि जज को जानबूझकर टक्कर मारी गई थी, लेकिन इसका षड्यंत्र करने वालों तक CBI जल्द पहुंच जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पकड़े गए दो आरोपितों में से एक प्रोफेशनल मोबाइल चुराने वाला है। वह बहुत चालाक है और जांच एजेंसी को हर बार नई कहानी बताकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

