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    Home»Breaking News»चाईबासा की शर्मनाक तस्वीर: 4 साल के बच्चे का शव थैले में ले गया मजबूर पिता, नहीं मिली एम्बुलेंस
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    चाईबासा की शर्मनाक तस्वीर: 4 साल के बच्चे का शव थैले में ले गया मजबूर पिता, नहीं मिली एम्बुलेंस

    AdminBy AdminDecember 20, 2025No Comments2 Mins Read
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    चाईबासा से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना सामने आई हैं. नोवामुंडी प्रखंड के बालजोड़ी गांव निवासी डिम्बा चतोम्बा को अपने 4 वर्षीय मासूम बच्चे की लाश ले जाने के लिए सदर अस्पताल चाईबासा में एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुई. मजबूरन पिता ने अपने बच्चे के शव को थैले में रखकर बस के माध्यम से घर ले जाने का दर्दनाक फैसला किया.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने शव को गांव ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एम्बुलेंस की मांग की, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं हो सकी. गरीब और असहाय पिता डिम्बा चतोम्बा के पास निजी वाहन की व्यवस्था करने के भी साधन नहीं थे. अंततः प्रशासनिक संवेदनहीनता और स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही से टूट चुके परिजन बच्चे के शव को एक थैले में रखकर बस से बालजोड़ी गांव ले जाने को विवश हो गए.

    इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और एम्बुलेंस सेवा की पोल खोल दी हैं. सवाल यह उठता है कि जब सरकार गरीबों के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे करती है, तो फिर ऐसे हालात क्यों बनते हैं? यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि समाज को झकझोरने वाली सच्चाई भी है, जहां एक पिता को अपने मासूम बच्चे की अंतिम यात्रा भी सम्मान के साथ नसीब नहीं हो सकी.

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