गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत एक गांव में दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है।
यह घटना रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि के बाद हुई। पीड़ित लड़कियां जब आत्महत्या करने की कोशिश कर रही थीं, तब परिजनों को मामले की जानकारी हुई।
परिजनों ने दोनों लड़कियों को हरलाडीह ओपी पहुंचाया, जहां मामला दर्ज कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय मुखिया, ग्रामीण और काफी संख्या में लोग भी ओपी पहुंचे।
दोनों पीड़ित लड़कियां नाबालिग बताई जा रही हैं। डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद को मामले की सूचना मिलते ही तुरंत हरलाडीह ओपी पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
सोमवार शाम को महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों पीड़िताओं से विस्तृत पूछताछ की गई। एसडीपीओ ने भी दोनों लड़कियों से घटना की जानकारी ली।
जिस युवक के साथ लड़कियां घर लौट रही थीं और जिसकी अपराधियों ने पिटाई की थी, उससे भी पूछताछ की गई। तकनीकी जांच के लिए विशेष टीम बुलाई गई है और सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन आदि के आधार पर छानबीन जारी है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में जतरा मेला लगा हुआ था। मेले में दोनों लड़कियां गांव के कुछ परिचित युवकों के साथ गई थीं। सभी मिलकर मेला घूम रहे थे।
मध्यरात्रि के दौरान साथ आए लोग बिछड़ गए। दोनों लड़कियां अपने एक परिचित युवक के साथ घर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान छह-सात युवकों ने उन्हें घेर लिया।
उन्होंने साथ आए युवक की पिटाई की और उसे भगा दिया। इसके बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को खेत की ओर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, छापेमारी जारी
घटना की जानकारी मिलने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता अशोक हेंब्रम ने इसे बेहद निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

