पिछले कुछ दिनों से मानसून की सक्रियता कम होने के कारण आमजनों के साथ साथ किसानों को राहत मिली है। किसान अपने खेतों की ओर लौटने लगे हैं और धान का बिचड़ा डालकर हल्की फुहारों का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान की बात करें तो 21 और 22 जुलाई को राज्य में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने और इस दौरान बिजली गिरने की संभावना को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया।
वहीं 23 जुलाई को राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां के अलावे उत्तर पूर्वी हिस्से यानी देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा, साहिबगंज, धनबाद और गिरिडीह में कहीं कहीं भारी वर्षा होने को ले यलो अलर्ट जारी किया गया है।
24 जुलाई को राज्य के दक्षिणी हिस्से के जिलों में भारी वर्षा को ले आरेंज अलर्ट जबकि उत्तर पूर्वी क्षेत्र के जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में यह स्थिति 26 जुलाई तक बनी रहेगी।
मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने कहा कि राज्य में अगले तीन दिनों तक 21, 22 और 23 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, इसके बाद अगले दो दिनों तक यानी 24 और 25 जुलाई को तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
ऐसा रहा मौसम
पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पूरे राज्य में मानसून की गतिविधि सामान्य बनी रही। लगभग सभी स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा रिकार्ड की गई जबकि कहीं कहीं भारी वर्षा हुई है। सबसे अधिक वर्षा 64.5 मिमी रामगढ़ में रिकार्ड की गई।
सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस पाकुड़ का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकार्ड किया गया। वहीं राजधानी रांची का अधिकतम 30.7 डिग्री जबकि न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।