Ranchi: सभी विश्वविद्यालय और अंगीभूत व संब़द्ध कालेज सिगरेट और तंबाकू मुक्त परिसर होंगे। इन संस्थानों के लिए तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों के लिए केंद्र के दिशा-निर्देश लागू करना अनिवार्य होगा। इसके लिए पहली बार विश्वविद्यालय के मामले में कुलपति और डीन तथा कालेज के मामले में प्राचार्य की जवाबदेही तय की गई है। यह जवाबदेही विधानसभा में मंगलवार को पारित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 में की गई है।
कॉलेज परिसर सिगरेट-तंबाकू उत्पादों से हो मुक्त
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लागू होने वाले अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक विश्वविद्यालय, अंगीभूत व संबद्ध महाविद्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करेगा कि उसका परिसर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के उपयोग, बिक्री और प्रचार से मुक्त हो। उक्त पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह इससे संबंधित केंद्र व राज्य के दिशा-निर्देशेां का सख्ती से कार्यान्वयन और निरंतर प्रवर्तन सुनिश्चित करे तथा परिसर को सिगरेट और तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाए रखे।
प्रत्येक विश्वविद्यालय तथा कालेज की बाहरी सीमा से एक सौ गज की परिधि को सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध तथा व्यापार ओर वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 के तहत अधिसूचित किया जाएगा। ऐसी परिधि के भीतर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री या सेवन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विधानसभा या संसद का चुनाव लड़ सकेंगे शिक्षक व कर्मचारी
विश्वविद्यालय का कोई शिक्षक या कर्मचारी विधानसभा या संसद का चुनाव लड़ सकता है। हालांकि नामांकन दाखिल करने से पहले उसे विश्वविद्यालय से अनुमति लेनी होगी। विधानसभा या संसद के सदस्य के रूप में निर्वाचित कोई शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी अपनी सदस्यता अवधि तक वेतन और भत्ता के बिना अवकाश का हकदार होगा। किसी शिक्षक या कर्मचारी को इस आधार पर पद पर बने रहने के लिए अयोग्य ठहराया नहीं जाएगा कि वह विधानसभा या संसद में निर्वाचित हुआ है।

