झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम माने जा रहे नए टैरिफ पर जनसुनवाई की प्रक्रिया 10 फरवरी के बाद शुरू होने जा रही है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने टैरिफ से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों पर अपना जवाब भेजना शुरू कर दिया है।
वहीं आयोग भी जनसुनवाई की औपचारिक कार्रवाई में जुट गया है। गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नई ऊर्जा नीति के तहत सभी राज्यों को हर हाल में 31 मार्च तक बिजली टैरिफ की घोषणा करनी है, ताकि नई दरें एक अप्रैल से लागू की जा सकें। इसी समय सीमा को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। आयोग का लक्ष्य है कि सभी संबंधित पक्षों की राय लेने के बाद समय पर टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
पांच जिलों में होगी जनसुनवाई
आयोग द्वारा बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई का आयोजन राज्य के पांच प्रमुख जिलों में किया जाएगा। इनमें रांची, दुमका, धनबाद, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। इन जिलों में उपभोक्ता, सामाजिक संगठन, उद्योग जगत और अन्य हितधारक टैरिफ प्रस्तावों पर अपनी बात रख सकेंगे। फिलहाल जनसुनवाई की तिथि और स्थान को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया जाएग।
कई बिजली कंपनियों के टैरिफ पर सुनवाई
जनसुनवाई केवल जेबीवीएनएल के टैरिफ तक सीमित नहीं रहेगी। आयोग द्वारा सेल, इनलैंड पावर, टाटा पावर और दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की ओर से प्रस्तावित बिजली टैरिफ पर भी जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि राज्य में बिजली उत्पादन और वितरण से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख एजेंसियों के टैरिफ प्रस्तावों पर जनता की राय ली जाएगी।
आयोग के सदस्य तकनीक हुए सेवानिवृत्त
इधर, नियामक आयोग के सदस्य (तकनीक) अतुल कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं। फिलहाल आयोग में अध्यक्ष और सदस्य (विधि) कार्यरत हैं। इन्हीं दोनों की मौजूदगी में बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। आयोग का कहना है कि तकनीकी सदस्य के सेवानिवृत्त होने से टैरिफ प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्णय लिया जाएगा।

