पटना: बिहार में अवैध बालू खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने तकनीक आधारित सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। खान एवं भूतत्व विभाग अब प्रमुख बॉर्डर चेकपोस्टों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है।
इस प्रणाली के जरिए हर बालू लदे वाहन की नंबर प्लेट स्वतः स्कैन होगी और विभाग के केंद्रीय सर्वर से जोड़ी जाएगी। वाहन का पंजीकरण, ई-चालान, परमिट और समय-सीमा की तुरंत जांच संभव होगी। यदि कोई वाहन बिना वैध दस्तावेज या निर्धारित मार्ग से हटकर गुजरता है, तो अलर्ट जारी होगा और मौके पर कार्रवाई हो सकेगी।
सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी
विभाग ने बताया कि बालू चोरी रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है। ANPR सिस्टम के अलावा GPS आधारित वाहन ट्रैकिंग, ई-चालान, ड्रोन एवं उपग्रह निगरानी के साथ जिला स्तर पर विशेष प्रवर्तन दलों की सक्रियता बढ़ाई जा रही है। संवेदनशील घाटों और सीमा क्षेत्रों में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पर्यावरण और राजस्व सुरक्षा
अवैध बालू खनन नदियों के प्रवाह, तटबंधों और आसपास के इलाकों को नुकसान पहुँचाता है। विभाग का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल मानव हस्तक्षेप को कम करेगा, मिलीभगत और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और राजस्व की हानि रोकी जा सकेगी।
कड़ी कार्रवाई का संकेत
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बालू चोरी में संलिप्त पाए जाने वाले वाहन मालिकों, चालकों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ANPR प्रणाली के लागू होने से बिहार में अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी लगाम लगेगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।

