मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को अपने रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा (गोला प्रखंड) में पूरी तरह से विलेज मोड में नजर आए. बाहा पूजा के पावन अवसर पर गांव पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में शिरकत की, बल्कि गांव के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा भी लिया.
तालाब का निरीक्षण और जल संरक्षण पर जोर:
मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव स्थित तालाब का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि तालाबों का संरक्षण सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा का आधार है. तालाब की नियमित सफाई और जलभराव क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए. तालाब के चारों ओर सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने कार्यों में पारदर्शिता और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की चेतावनी दी.निरीक्षण के दौरान जिले के डीसी,एसपी, सीओ समेत कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट पेश की.
सामुदायिक भवन में समीक्षा बैठक: सुरक्षा और व्यवस्था पर चर्चा:
तालाब के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने जिला प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक का मुख्य एजेंडा बाहा पूजा का सफल आयोजन और ग्रामीणों की सहूलियत रहा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बीएसएनएल टावर के पास से ट्रैफिक को इस तरह नियंत्रित किया जाए कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में कोई परेशानी न हो.पूजा में शामिल होने वाले अतिथियों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना, जिसके त्वरित निष्पादन हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
नेमरा में उत्सव का माहौल: राजनीतिक हस्तियों का जमावड़ा:
बता दें कि मुख्यमंत्री बुधवार शाम को ही नेमरा पहुंच गए थे. उनके आगमन के साथ ही गांव में उत्सव जैसा माहौल है.उनके पैतृक आवास पर मेहमानों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है. इस बीच, पूर्व विधायक सीता सोरेन भी नेमरा पहुंचीं और उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों का अवलोकन किया. मुख्यमंत्री की उपस्थिति और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए पूरे नेमरा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

