झारखंड के सभी नौ नगर निगम में डिप्टी मेयर बनाने के लिए राजनीतिक पार्टियों ने जोर लगाना शुरू कर दिया है। पार्षदों को सम्मान देने से लेकर उन्हें लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा, कांग्रेस, झामुमो मुख्य रूप से अनौपचारिक रूप से पार्षदों को डिप्टी मेयर के लिए एकजुट करने में लगे हुए हैं। जिन नगर निगम में पार्टी समर्थित मेयर प्रत्याशी नहीं जीते हैं, वहां भी अब राजनीतिक दल अपने दलों के विचारधारा वाले पार्षदों को एक मंच पर ला रहे हैं।
कौन कहां आगे
रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर दिया। पार्षदों के साथ परिचय के लिए भी अलग बैठक हो गयी, जिसमें 53 में 42 पार्षदों की उपस्थिति रही। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने सोमवार की रात बड़े होटल में डिनर डिप्लोमेसी के तहत पार्षदों के साथ मंथन किया। बैठक में 37 पार्षदों की मौजूदगी रही और डिप्टी मेयर का नाम तय करने के लिए कांग्रेस को अधिकृत किये जाने का दावा किया जा रहा है। ऐसी ही स्थिति राज्य के अन्य नगर निगमों में है। मेदिनीनगर में कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह का डिप्टी मेयर के लिए मजबूत दावा है
वहीं, हजारीबाग में मिताली रश्मि इस पद के लिए आगे चल रही हैं। गिरिडीह में झामुमो समर्थित मेयर बने हैं और वहां पूरी संभावना बन रही है कि झामुमो समर्थित ही डिप्टी मेयर होंगे। भाजपा के पक्ष में 10 से कम पार्षदों के होने की बात कही जा रही है, वहीं झामुमो समर्थित पार्षद सीधे डिप्टी मेयर बन सकते हैं। इसमें राज्य सरकार के एक मंत्री की बड़ी भूमिका बतायी जा रही है और उन्हें ही पार्षदों में से डिप्टी मेयर के नाम के चयन के लिए अधिकृत कर दिया गया है।

