प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी की ग्रुप कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद में कई जगहों पर तलाशी ली। न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि दोनों शहरों में कंपनी और उसके अधिकारियों से जुड़ी करीब 10-12 जगहों पर तलाशी ली जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी की करीब 15 टीमें यह कार्रवाई कर रही हैं। ED कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत अनिल अंबानी से जुड़ी कई कंपनियों की जांच कर रहा है।
27 फरवरी को ईडी के समन पर उपस्थित नहीं हुए अनिल अंबानी
यह घटना तब हुई जब अनिल अंबानी 27 फरवरी को ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए, जबकि एजेंसी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि, इससे एक दिन पहले, 26 फरवरी को अंबानी दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में पेश हुए थे। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे जांचकर्ताओं के सामने अपना बयान दर्ज कराया था।
एसआईटी का गठन
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े कथित 40,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
ईडी ने हाल ही में अनिल अंबानी समूह की एक अन्य कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में अंबानी की मुंबई स्थित पाली हिल में स्थित 3,716.83 करोड़ रुपये की आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को जब्त कर लिया था। इससे पहले, इसी संपत्ति का 473.17 करोड़ रुपये का एक हिस्सा पहले ही जब्त किया जा चुका था।
हालिया कार्रवाई के साथ, रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामलों में जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 15,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
