झारखंड के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार ने रांची–साहिबगंज के बीच एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे, साहिबगंज में गंगा नदी पर नया हाई-लेवल पुल, और राज्य में चार अत्याधुनिक स्पीड कॉरिडोर के निर्माण में सहयोग का भरोसा दिया है। यह फैसला झारखंड की सड़क कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, खनन परिवहन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित होगा।
मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर सहमति बनी। बैठक में झारखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और एनएचएआई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड होंगी सभी परियोजनाएं
केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से कहा है कि सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि क्रियान्वयन के लिए सक्षम प्राधिकार से जल्द स्वीकृति मिल सके। समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की स्थिति को संतोषजनक बताया गया, हालांकि कुछ परियोजनाओं में प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
रांची–साहिबगंज एक्सप्रेसवे: दूरी होगी 100 किमी तक कम
बैठक में तय सहमति के अनुसार रांची से साहिबगंज तक 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का विकास किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी 80 से 100 किलोमीटर तक घट जाएगी, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
यह एक्सप्रेसवे साहिबगंज मल्टी-मोडल टर्मिनल को तेज सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और झारखंड के ऊर्जांचल, औद्योगिक क्लस्टरों और पूर्वी बंदरगाहों को सीधे जोड़ेगा। इससे खनन और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई तेज, सस्ती और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित चार प्राथमिक स्पीड कॉरिडोर को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना गया है। इन कॉरिडोर के माध्यम से राज्य के खनिज क्षेत्रों, औद्योगिक हब और लॉजिस्टिक्स सेंटर को हाई-स्पीड रोड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
👉 प्रस्तावित स्पीड कॉरिडोर:
1. झारखंड ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर
मार्ग: मुरिसेमर (गढ़वा बाइपास सहित) – चतरा – बरही – बेंगाबाद – सारठ – दुमका
2. झारखंड ईस्टर्न कॉरिडोर
मार्ग: साहिबगंज – बरहेट – अमरापाड़ा – दुमका – जामताड़ा – निरसा – चंदनकियारी – चास – धनबाद
3. झारखंड नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर
मार्ग: झुमरी तिलैया – (एनएच-31) – एनएच-2 (अंतकीछी) – बिशनुगढ़ – पेटरवार – गोला – मूरी – सिल्ली – रड़गांव – सरायकेला – चाईबासा
4. झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर
मार्ग: रांची – ठाकुरगांव – बुढ़मू – टंडवा – सिमरिया – बगरा मोड़ (एनएच-99)
📌 कुल लंबाई: 1060.53 किमी
📌 अनुमानित लागत: ₹31,380 करोड़
राज्य सरकार की ओर से इन परियोजनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माण कार्य उन्नत चरण में है।

