रांची (RANCHI): रातू रोड स्थित मधुकम इलाके में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा स्टे लगाए जाने के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। कोर्ट के आदेश के बाद अब तोड़े गए घरों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
पीड़ित परिवारों के लोग—बुज़ुर्ग, महिलाएं और बच्चे—सभी युद्धस्तर पर घरों को दोबारा खड़ा करने में जुटे हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द उन्हें रहने लायक बनाया जा सके। इस कठिन समय में स्थानीय लोग भी आगे आकर प्रभावित परिवारों की मदद कर रहे हैं।
दरअसल, बीते दिनों प्रशासन ने खादगड़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने करीब 12 घरों को तोड़ने का आदेश दिया था। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना है कि उन्होंने यह जमीन प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये की दर से खरीदी थी और कई वर्षों से यहां घर बनाकर रह रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि 38.25 डिसमिल जमीन के लिए उन्होंने कुल लगभग 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये का भुगतान किया, इसके बावजूद अब उन्हें बेदखल किया जा रहा है। हाईकोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के बाद अब पीड़ित परिवार अपने टूटे हुए आशियानों को फिर से संवारने में लगे हैं।
फिलहाल मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और प्रभावित परिवारों को न्याय की उम्मीद है।

