झारखंड के गुमला जिले में पर्यटन स्थलों को विश्व के मानचित्र में लाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है. इसके साथ ही पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. झारखंड टूरिज्म के निर्देश पर अब होटल मालिकों, ट्रैवल एजेंसियों, प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स, नाव चालकों व टूरिस्ट गाइड्स को निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कराना जरूरी है.
यात्रियों को मिलेगी सुविधा
जानकारी के अनुसार, निबंधन कराने वालों का नाम और मोबाइल नंबर झारखंड टूरिज्म की अधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जायेगा. इससे पर्यटक सीधे सेवा देने वालों से संपर्क कर सकेंगे. उनकी बुकिंग यात्रा के पहले ही कंफर्म हो जायेगी. इसे लेकर गुमला प्रशासन का मानना है कि इससे फर्जी एजेंसियों और गाइड्स की गतिविधियों पर रोक लगेगी. इसके अलावा पर्यटक गुमला जिले में सुरक्षित रूप से पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की खूबियों को देख सकेंगे.
ऐसा माना जा रहा है कि इस पहल के बाद पर्यटक आसानी से गुमला जिले के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के इतिहास की भी जानकारी ले सकेंगे. यहां प्रशासन ने साफ किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन कराये कोई भी व्यक्ति या संस्था पर्यटन सेवाएं नहीं दे सकता है. नियमों का पालन करना जरूरी है. इसके लिए निगरानी भी की जायेगी.
इन लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
वहीं, पर्यटकों की सुविधा के लिए गुमला शहर के दो होटलों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है. इसमें होटल सभेकर व विंदेश होटल शामिल हैं. होटल सभेकर गुमला शहर के सिसई रोड व व होटल विंदेश लोहरदगा रोड में है. इन दोनों होटलों में पर्यटकों के ठहरने के लिए अच्छी व्यवस्था व माहौल है. जबकि, दो फोटोग्राफर ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है. इनमें अंकित साहू हन्नी व अभिषेक कुमार के नाम सामने आये हैं. दोनों युवक कुछ सालों से गुमला जिले के पर्यटन स्थलों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार भी कर रहे हैं. इससे गुमला के पर्यटन स्थलों की पहचान दूर-दूर तक पहुंचेगी.
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
पर्यटन सेवा से जुड़ने के लिए गुमला पर्यटन विभाग के कार्यालया या फिर झारखंड टूरिज्म में ऑनलाइन व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. सुविधा के अनुसार पर्यटन सेवा से जुड़े लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. अगर कोई परेशानी हो तो पर्यटन सेवा से जुड़े लोग जिला खेल कार्यालय सह पर्यटन विभाग के कार्यालय से आकर संपर्क कर सकते हैं. https://touristtradereg.jharkhand.gov.in/RegisteredUnitList.aspx ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उक्त वेबसाइट का सहयोग ले सकते हैं.
कैटेगरी में बांटे गये पर्यटन स्थल
इधर, गुमला जिले के सभी पर्यटन स्थलों को चार अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें कैटेगरी ए में अंतर राष्ट्रीय महत्व, कैटेगरी बी में राष्ट्रीय महत्व, कैटेगरी सी में राजकीय महत्व और कैटेगरी डी में स्थानीय महत्व के रूप में बांटा गया है. मालूम हो कि जिले में 40 से अधिक धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं.
बी-कैटेगरी : सिसई प्रखंड के नवरत्नगढ़, जिसे मुगल साम्राज्य में राजा दुर्जनशाल से बनाया था. गुमला प्रखंड के श्रीराम भक्त हनुमान की जन्मस्थली आंजनधाम है. वहीं, डुमरी प्रखंड के टांगीनाथ धाम है. जहां भगवान शिव का वाश माना जाता है. भगवान शिव का त्रिशूल टांगीनाथ धाम में है.
सी-कैटेगरी : पालकोट प्रखंड में पंपापुर, शीतलपुर गुफा, मलमलपुर गुफा, दशभुजी, चिंतामणी मंदिर, घोड़लता, गोबरसिल्ली, महावीर माड़ा, निर्झर झरना, राकस टंगरा, देवगांव शिव गुफा, पालकोट पहाड़ शिखर, सिसई प्रखंड के नागफेनी स्वामी जगरनाथ मंदिर अंबाघाघ, अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड के रूद्रपुर शिवगुटरा सरना, डुमरी प्रखंड के सीरासीता, चैनपुर प्रखंड के राजा डेरा है.
डी-कैटेगरी : बसिया के बाघमुंडा, कामडारा के महादेव कोना शिवमंदिर, आमटोली शिवमंदिर, बानपुर शिवमंदिर, गुमला बिरसा मुंडा एग्रो पार्क, रॉक गार्डेन, काली मंदिर, जगरनाथ मंदिर करौंदी, पहाड़ पनारी, तेलगांव डैम, पालकोट के सुंदरी घाघ देवगांव, प्रस्तावित प्राचीन काली मंदिर, रायडीह प्रखंड में वासुदेव कोना, हीरादह, सिसई के दाढ़ी टोंगरी, घाघरा प्रखंड के हापामुनी महामाया मंदिर, देवाकीधाम, डुमरी प्रखंड के प्रस्तावित गलगोटरा रोचवे एडवेंचर टूरिज्म, चैनपुर प्रखंड के अपरशंख डैम और बिशुनपुर प्रखंड के पांच पांडव पहाड़ व रंगनाथ मंदिर है.
कितनी होगी रजिस्ट्रेशन फीस
पर्यटक स्थलों पर विभिन्न सेवाएं देने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है. इन्हें रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 300 से लेकर 20 हजार रुपये तक देने पड़ेंगे. जानकारी के अनुसार, होटल के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वालों को 3000 से 20000 रुपये तक का मूल्य देना होगा. जबकि फोटोग्राफर को रजिस्ट्रेशन के लिए 300 से 2000 रुपये तक चुकाने होंगे. वहीं, ट्रैवल से जुड़ी सेवा उपलब्ध कराने वाले 3000 से 8000 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. हालांकि, राहत की बात है कि एक बार में तीन साल के लिए रजिस्ट्रेशन होगा.
झारखंड टूरिज्म ने बनाया नियम
गुमला जिला के पर्यटन विशेषज्ञ शुभम सिंह बताते हैं कि पर्यटकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से झारखंड टूरिज्म द्वारा यह नियम बनाया गया है. ताकि गुमला जिले में आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के भ्रमण में किसी प्रकार की परेशानी न हो. पर्यटन सेवा से जुड़े लोगों से पर्यटक मदद ले सकते हैं. गुमला जिले के पर्यटन स्थलों की सूची झारखंड टूरिज्म के वेबसाइट में है.
इन पर होगी कार्रवाई
इधर, गुमला जिला पर्यटन पदाधिकारी मनोज कुमार ने जानकारी दी कि बिना रजिस्ट्रेशन कराये कोई भी व्यक्ति पर्यटन व्यवसाय से जुड़ नहीं सकते हैं. अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन करते हुए पर्यटन व्यवसाय करते पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. साथ ही जिन होटलों द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया गया है. उन होटलों की व्यवस्था की भी समय-समय पर जांच की जायेगी.