भारत और अमेरिका के बीच हुये रेसिप्रोकल टैरिफ समझौते से कई रोजमर्रा के सामान की कीमतों में राहत मिलने की संभावना है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाकर 18% किया और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधायें कम की हैं।
ये सस्ते हो सकते हैं…
टेक गैजेट्स: लैपटॉप, मोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और उनके पार्ट्स।
घरेलू उपकरण: फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे अमेरिकी ब्रांड्स या पार्ट्स।
कृषि और फूड आइटम्स: दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स (मिल्क पाउडर, चीज, बटरमिल्क), प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड सामान।
कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स जो अमेरिका से आते हैं।
भारत के बिजनेस सेक्टर्स को लाभ
टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर।
जेम्स और ज्वेलरी, स्टील और केमिकल सेक्टर को भी नये अवसर।
महंगे रह सकते हैं
कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स, स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर पर अभी भी उच्च ड्यूटी लागू रह सकती है।
PM नरेंद्र मोदी ने इस समझौते पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि अब “मेड इन इंडिया” उत्पादों पर टैरिफ घटाने के लिए अमेरिका का धन्यवाद। यह डील न सिर्फ टेक और फूड आइटम्स को सस्ता कर सकती है, बल्कि भारत के औद्योगिक और एक्सपोर्ट सेक्टर को भी फायदा पहुंचा सकती है।

