बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को IRCTC घोटाला में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने CBI से जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी। लालू यादव ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के फैसले को दिल्ली HC में चुनौती दी थी।
IRCTC घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व सीएम लालू यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज, 5 जनवरी को अहम सुनवाई हुई। लालू यादव ने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी थी।
दिल्ली हाईकोर्ट का ट्रायल पर रोक से इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट से लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लाल के खिलाफ मुकदमे पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार किया और CBI से जवाब दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई अब 14 जनवरी को होगी। इस फैसले के बाद लालू यादव को तड़का झटका लगा है।
लालू यादव पर क्या है आरोप?
बता दें कि यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। लालू यादव पर आरोप है कि IRCTC के कुछ होटलों और जमीनों को निजी कंपनियों को अनियमित तरीके से पट्टे पर दिया गया, जिससे लाभ संबंधी अनियमितताएं हुईं। इस घोटाले में लालू यादव के साथ-साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं।
लालू ने लगाया था ये आरोप
बीते साल 13 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसके बाद लालू यादव ने इस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया है कि निचली अदालत द्वारा लगाए गए आरोप कानूनी रूप से सही नहीं हैं और उन्हें राजनीतिक दुर्भावना से निशाना बनाया जा रहा है।

