झारखंड में भाकपा माओवादियों को जड़ से खत्म करने के लिए झारखंड पुलिस सारंडा क्षेत्र में ओडिशा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाएगी। सारंडा में वर्तमान में भाकपा माओवादियों के तीन एक करोड़ के इनामी कमांडर अपने दस्ते के साथ कैंप कर रहे हैं। डीजीपी ने सोमवार को पूर्वी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति (ईआरपीसीसी) की बैठक में ओडिशा के पुलिस अफसरों के साथ अभियान चलाने व रणनीतियों पर चर्चा की।
झारखंड और सीमावर्ती राज्यों के साथ बैठक में नक्सलवाद और संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक मजबूत रणनीति तैयार की गई। छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता सहित बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल के पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।
बैठक का मुख्य फोकस वामपंथी उग्रवाद, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, मानव तस्करी, चिटफंड कंपनियों के फर्जीवाड़े और बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों से जुड़े मुद्दों पर रहा। इसके अतिरिक्त, नए आपराधिक कानूनों और प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने पर भी गहन चर्चा हुई। झारखंड के डीजीपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के अधिकारियों को उग्रवादियों की गतिविधियों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के बारे में आपसी सूचना साझा करने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने का सुझाव दिया। उन्होंने विशेष रूप से ब्राउन शुगर, अफीम, डोडा, नशीली दवाओं और शराब की तस्करी की आशंका वाले चेकपोस्टों पर एसपी द्वारा जांच करने पर जोर दिया।
बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए आपसी तालमेल और सूचना साझा करने के साथ-साथ फर्जी सिम कार्ड की खरीद-बिक्री रोकने पर भी सहमति बनी। खुफिया तंत्र को सशक्त बनाने, प्राप्त सूचनाओं को समय पर साझा करने और संयुक्त रूप से अभियान चलाने पर बल दिया गया। सभी राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादियों और अन्य नक्सली संगठनों के खिलाफ चल रहे अभियानों में तेजी लाने के लिए नई कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान अंतर्राज्यीय सीमाओं पर नक्सली गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी नजर रखने के लिए एसपी स्तर पर निरंतर समन्वय बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति बनी। झारखंड पुलिस की ओर से आईजी प्रभात कुमार, आईजी अभियान माइकल राज एस, सीआईडी आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी प्रशिक्षण ए विजयालक्ष्मी ने प्रजेंटेशन दिया गया।