- लिंग अनुपात: 2024 में प्रति 100 महिलाओं पर 104.677 पुरुष, जो राज्य में पुरुषों की अधिकता को दर्शाता है।
- ग्रामीण-शहरी विभाजन: लगभग 76 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जबकि शहरीकरण दर 24 प्रतिशत है।
- साक्षरता दर: कुल 66.41 प्रतिशत, जिसमें पुरुषों में 76.84 प्रतिशत और महिलाओं में 55.42 प्रतिशत है। यह राष्ट्रीय औसत (74.04 प्रतिशत) से कम है, जो शिक्षा क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर देता है।
- आदिवासी और अनुसूचित जनजाति: राज्य की आबादी का लगभग 28 प्रतिशत आदिवासी और 12 प्रतिशत अनुसूचित जाति से संबंधित है।
यह अनुमान राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी असर डालेगा। झारखंड, जो खनिज संसाधनों से समृद्ध है, अब प्रति व्यक्ति जीडीपी को 1,15,960 रुपये (2024-25) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखे हुए है। बढ़ती आबादी के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा 2036 तक राज्य की आबादी को 5 करोड़ के पार ले जाने का संकेत देता है, जिसके लिए सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राथमिकता देनी होगी।झारखंड सरकार ने इस आकलन के आधार पर बजट 2025-26 में जनकल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित करने की योजना बनाई है। पर्यावरण मंत्री ने कहा, “यह आंकड़ा हमें संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने का अवसर देता है, खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में।”

