राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है. बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है. अदालत ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. इसके साथ ही उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव पर भी आरोप तय किए गए हैं.
मामले में लालू परिवार के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में लालू परिवार के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं. अदालत के अनुसार, रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन लेने का एक सुनियोजित सिस्टम चलाया जा रहा था, जो साफ तौर पर अधिकारों के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र की श्रेणी में आता है.
अदालत ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में परिवार की भूमिका केवल लाभार्थी की नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से षड्यंत्र में शामिल रहने की रही है. कोर्ट ने माना कि जमीन के बदले नौकरी देने की प्रक्रिया एक संगठित भ्रष्टाचार का रूप ले चुकी थी. इस मामले में आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत तय किए गए हैं.
41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय
हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में 52 आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं. इससे साफ है कि जांच के दौरान सबूतों के आधार पर अदालत ने अलग-अलग भूमिका तय की है.
लैंड फॉर जॉब मामला देश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और अदालत के इस फैसले को लालू परिवार के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है. अब सभी की नजरें आगे की न्यायिक प्रक्रिया और इस मामले में होने वाले अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.
भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने क्या कहा
कोर्ट के फैसले पर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि लालू का पूरा परिवार क्रिमिनल सिंडिकेट है.

