रांचीः अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभार में एलपीजी की किल्लत हो गई है। झारखंड से भी इससे अछूता नहीं है। गैस सिलेंडर की किल्लत के साथ ही राज्य के कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया है। वहीं प्लास्टिक उद्योग के समक्ष संकट होने के कारण राज्य में मेधा की ओर से दूध-दही, घी और अन्य उत्पाद की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।
आदित्यपुर में औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित
राज्य के आदित्यपुर क्षेत्र में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बंद होने से औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है। बताया गया है कि आदित्यपुर में संचालित 1600 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में से 500 से 600 यूनिट्स ऐसी है. जिनका उत्पादन सीधे तौर पर गैस पर निर्भर है। यह इकाइयां टाटा मोटर्स को पार्ट्स की आपूर्ति करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस यूनिट को अपने 100 प्रतिशत उत्पादन के लिए मात्र पांच प्रतिशत गैस की आवश्यकता है, लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सैकड़ों कंपनियों में कामकाज प्रभावित हुआ है।
फ्लाइट के किराए में भी बढ़ोतरी
राजधानी रांची से देश की विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। सामान्य दिनों में रांची से दिल्ली के लिए विमान किराया करीब 5700 था जो बढ़कर अब 9000 से10000 के बीच हो गया है। इसी तरह से रांची से बेंगलुरु रांची से कोलकाता और रांची से हैदराबाद के टिकटों में भी के किराए में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उधर, राज्य में एलपीजी गैस सिलेंडर कि किल्लत को दूर करने की मांग तेज होने लगी है। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर राज्य में गैस सिलेंडर की कमी के कारण हो रही परेशानी से अवगत कराया है।आयोग की ओर से लिखे गए पत्र की जानकारी देते हुए शमशेर आलम ने कहा कि त्योहार के इस महीने में गैस सिलेंडर की किल्लत से आम लोग परेशान है जिसे दूर करना नितांत आवश्यक है।

