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    Home»Breaking News»मनसे बोली– ‘नहीं बनने देंगे बिहार भवन’, बिहार सरकार का पलटवार—किसी में दम नहीं!
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    मनसे बोली– ‘नहीं बनने देंगे बिहार भवन’, बिहार सरकार का पलटवार—किसी में दम नहीं!

    AdminBy AdminJanuary 22, 2026No Comments3 Mins Read
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    मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना ने इस फैसले का खुला विरोध करते हुए ऐलान किया है कि वे मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। इन बयानों के बाद महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

    मनसे–शिवसेना के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया

    मनसे और शिवसेना के विरोधी सुरों के जवाब में जदयू और भाजपा आक्रामक हो गई हैं। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने दोनों दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि हुल्लड़बाजी छोड़ें और शांत रहें, क्योंकि बिहार भवन हर हाल में बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के बाप में दम नहीं है जो बिहार भवन के निर्माण को रोक सके।

    अशोक चौधरी का राज ठाकरे पर सीधा हमला

    अशोक चौधरी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि वे फालतू बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुंबई किसी की जागीर है या यहां राजतंत्र चलता है। उनके इस बयान से राजनीतिक विवाद और तीखा हो गया है।

    कैबिनेट से मिली 314 करोड़ की मंजूरी

    दरअसल, बिहार सरकार ने मुंबई में बिहार भवन बनाने का फैसला लिया है और इसके लिए कैबिनेट बैठक में 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गई है। जैसे ही यह फैसला सार्वजनिक हुआ, मनसे ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया।

    शिवसेना का आरोप– मुंबई की जमीन पर नजर

    उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने बिहार भवन को क्षेत्रीय राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि मुंबई की जमीन को धीरे-धीरे हड़पने की कोशिश हो रही है। पार्टी नेता विनायक राउत ने तंज कसते हुए कहा कि कल को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में गुजरात भवन भी बनाने की बात कही जा सकती है।

    शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट की अलग राय

    शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि बीएमसी में सत्ता में आने वाली शिवसेना की जिम्मेदारी होगी कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख रखे। वहीं, शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने मनसे के विरोध को गलत बताते हुए कहा कि यह भवन कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत केंद्र के रूप में बनेगा।

    पर्यावरण और निवेश से जुड़ा प्रोजेक्ट

    बिहार फाउंडेशन (मुंबई) के अध्यक्ष कैसर खालिद ने कहा कि बिहार भवन के जरिए मुंबई से बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति बनेगी। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि यह इमारत पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल होगी।

    30 मंजिला आधुनिक बिहार भवन की रूपरेखा

    दक्षिण मुंबई के एल्फिंस्टन इस्टेट में बनने वाला बिहार भवन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन पर प्रस्तावित है। बेसमेंट सहित 30 मंजिला इस इमारत की ऊंचाई करीब 69 मीटर होगी। इसमें कुल 178 कमरे होंगे, जिनका उपयोग अधिकारी, अतिथि और जरूरतमंद नागरिक करेंगे।

    मरीजों के लिए बड़ी राहत बनेगा भवन

    बिहार भवन में 240 बेड की क्षमता वाला विशेष छात्रावास भी बनेगा, जहां इलाज के लिए मुंबई आने वाले बिहार के मरीज और उनके परिजन ठहर सकेंगे। खासकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान यह सुविधा बड़ी राहत साबित होगी।

    अन्य राज्यों के भवन पहले से मौजूद

    गौरतलब है कि नवी मुंबई में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, असम, केरल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के भवन पहले से मौजूद हैं। इन भवनों में संबंधित राज्यों से आने वाले लोगों को ठहरने की सुविधा मिलती है, ऐसे में बिहार भवन को लेकर उठ रहा विरोध राजनीतिक ज्यादा, व्यावहारिक कम माना जा रहा है।

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