नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित शीतला मंदिर में हुए हादसे को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन आज मौके पर पहुंचे और घटना की पूरी जानकारी ली.दौरे के दौरान प्रो. रणबीर नंदन ने मंदिर परिसर में हुए हादसे को बड़ी चूक का नतीजा बताया. उन्होंने कहा कि बिहार शरीफ का शीतला मंदिर धार्मिक न्यास में पंजीकृत नहीं है, इसके बावजूद न्यास पर्षद की निगरानी की जिम्मेदारी बनती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रबंधन को लेकर जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की बड़ी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.“यह घटना कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही का परिणाम है. मंदिर के प्रबंधन को लेकर हम आवश्यक निर्णय लेंगे, जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.”वहीं, घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है.
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात छापेमारी कर पांच पंडाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले में कुल 20 लोगों को नामजद किया गया है.ग्रामीणों का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए.पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. स्थिति यह है कि कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं और गांव में तनाव बना हुआ है.सवाल अभी भी बना हुआ है कि शीतला मंदिर में घटित भगदड़ में जिम्मेवार कौन है. प्रशासन या पंडा कमिटी.

