केंद्र सरकार की हालिया रेल परियोजनाओं से झारखंड और बिहार के रेल नेटवर्क को बड़ा बूस्ट मिल रहा है।
मल्टी-ट्रैकिंग, थर्ड-फोर्थ लाइन और नई लाइनों के निर्माण से व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी, देरी कम होगी और यात्री व माल ढुलाई दोनों आसान होगी।
इन परियोजनाओं से लाखों यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा, खासकर देवघर, वैद्यनाथ धाम, चांडिल डैम, दलमा वन्यजीव अभयारण्य जैसे धार्मिक-पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी।
रेल मंत्रालय और हालिया कैबिनेट फैसलों के अनुसार झारखंड-बिहार में पांच प्रमुख नए व अतिरिक्त रेल ट्रैक (मल्टी-ट्रैकिंग और नई लाइनें) तेजी से बन रहे हैं या स्वीकृत हो चुके हैं।
ये परियोजनाएं पीएम गति शक्ति प्लान का हिस्सा हैं और 2030-31 तक पूरा होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर सैकड़ों किलोमीटर नेटवर्क बढ़ेगा, माल ढुलाई में 52 मिलियन टन अतिरिक्त क्षमता आएगी और सड़क परिवहन पर निर्भरता घटेगी।

