पंजाब की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने रांची के हरमू चौक से लेकर अरगोड़ा चौक तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया. इस मानव श्रृंखला में पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास के अलावा सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री समेत काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे.
इस मौके पर पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार की यह सोची-समझी रणनीति थी. इस रणनीति को अब पंजाब की जनता समझ चुकी है. यहां की जनता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका जवाब जरूर देगी. वहीं, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को गंभीर मानते हुए जल्द ही कांग्रेस की नियत की जानकारी पंजाब की जनता होनी चाहिए.
इधर, साेमवार को रांची के हरमू स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय से लेकर अरगोड़ा चौक तक मानव श्रृंखला बनाकर खड़े रहें. इस दौरान सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किया गया. वहीं, हाथों में तख्ती लेकर पंजाब की कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
वहीं, मौके पर चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा कि जिस तरह से पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक की है उससे उनकी नियत का पता चलता है. जिस जगह पर प्रधानमंत्री को रोक कर रखा गया वहां से पाकिस्तान का बॉर्डर महज 10 किलोमीटर दूर था.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता आज पूरे विश्व में है. ऐसे में कई देश उनके दुश्मन भी हैं. बावजूद इसके प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता. इस मौके पर दोनों पूर्व सीएम के अलावा रांची सांसद संजय सेठ, मेयर आशा लकरा, रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल सहित कई पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा रांची महानगर एवं ग्रामीण जिला की ओर से राजभवन के समक्ष मौन धरना का आयोजन किया गया. यह मौन धरना भी पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के विरोध में किया गया. जिसके तहत पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काला पट्टा बांध कर पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध जताया. इस धरना के बाद डीसी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन देकर इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गयी.

