झारखंड में बुधवार को राजनीतिक पारा थोड़ा और ऊपर चढ़ गया। राज्यपाल रमेश बैस ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान नेताओं के बीच राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री व राज्यपाल के बीच मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। वहीं गृह मंत्री और राज्यपाल के बीच करीब पौने एक घंटे तक बातचीत हुई। राजभवन की तरफ से नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
दरअसल, झारखंड कें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को लेकर भाजपा हमलावर है। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक के बाद एक दो गंभीर आरोप सीधे मुख्यमंत्री, उनके परिवार और करीबी लोगों पर लगाए हैं। इस बीच मामला झारखंड हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अवैध तरीके से खनन पट्टा लेने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर भी खनन कंपनी ग्रैंड माइनिंग में हिस्सेदारी रखने के आरोप लगे हैं।
इससे संबंधित शिकायत भाजपा नेताओं द्वारा राजभवन को की गई है। इस मामले में राज्यपाल ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा था। इसके बाद मामले को निर्वाचन आयोग को भेज दिया। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र भेजकर आरोपों से संबंधी कागजातों को सत्यापित करने के लिए कहा। सूत्र दावा कर रहे हैं कि मुख्य सचिव ने संबंधित कागजात को सत्यापित कर निर्वाचन आयोग को प्रेषित कर दिया है। ऐसी परिस्थिति में राजभवन की भूमिका बेहद अहम हो गई है। लिहाजा आज दिल्ली में होने वाली राज्यपाल की मुलाकात पर सबकी निगाहें लगी रहीं। अनुमान लगाया जा रहा था कि राज्यपाल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को मौजूदा परिस्थिति से अवगत कराने के लिए गए हुए हैं।

