वर्ल्ड कैंसर डे के अवसर पर आज हम आपको RIMS के ENT विभाग के डॉक्टर के साहस की एक कहानी बता रहे हैं। इसी साहस और समझदारी की बदौलत बस एक सप्ताह पहले उन्होंने 42 साल के एक कैंसर पीड़त को नई जिंदगी है।
गोड्डा के 42 वर्षीय दुर्गा मांझी को मुंह का कैंसर हो गया था। कैंसर उसके गाल से लेकर जबडे तक फैल गया था। मेडिकल टर्म में कैंसर चौथे स्टेज में पहुंच गया था। स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। गाल में कई जगह छेद हो गए थे। पैसे की तंगी से जूझ रहे दुर्गा मांझी कहते हैं कि वो लगभग हार मान लिए थे।
गोड्डा से कोलकाता तक वे इलाज के लिए दो महीने तक भटकते रहे लेकिन कहीं सहारा नहीं मिला। RIMS डॉक्टर ने इस जटिल ऑपरेशन का रिस्क लिया और अब वे लगभग स्वस्थ हैं। फिलहाल वे RIMS में ही डॉक्टर के ऑब्जर्बेशन में हैं।
जबड़े के मांस को हटाकर छाती का मांस लगाया- डॉ. जाहिद
दुर्गा मांझी की सफल सर्जरी करने वाले ENT और हेड-नेक कैंसर के सर्जन डॉ. जाहिद मुस्तफा खान ने बताया कि कैंसर जबड़े के ऊपरी और निचले हिस्से में पूरी तरह फैल चुका था। कैंसर को काट कर हटाया गया। उसके बाद छाती के मांस को निकालकर प्लास्टिक सर्जरी कर गाल को रिकंस्ट्रक्ट किया गया। लगभग 4 से 5 घंटे तक चली सर्जरी के बाद मरीज के मुंह के कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया।
आयुष्मान योजना के तहत 4 लाख का इलाज मुफ्त में हुआ
डॉ जाहिद ने कहा कि दुर्गा का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया। निजी अस्पताल में इसी इलाज के लिए चार लाख रुपए तक खर्च करने पड़ते। सर्जरी में ईएनटी विभाग की एचओडी डॉ चंद्रकांति बिरुआ, डॉ राजेश चौधरी के मार्गदर्शन में डॉ. जाहिद मुस्तफा खान ने डॉ दशरथ, डॉ अनस, डॉ गजेंद्र, डॉ रत्ना, डॉ शिवानी, डॉ कोमल, डॉ नुमान के सहयोग से किया।

