Hazaribagh: हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची की नृशंस हत्या मामले की जांच की समीक्षा डीजीपी तदाशा मिश्र करेंगी. जांच की समीक्षा करने के लिए डीजीपी हजारीबाग के लिए रवाना हो चुकी हैं. वहां वह बोकारो जोन के आइजी सुनील भास्कर, हजारीबाग प्रमंडल के डीआईजी अंजनी झा, एसपी अंजनी अंजन और मामले के अनुसंधान से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी.
अब तक की जांच में यह पता चला है कि बच्ची की हत्या गला दबाकर की गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि जिस जगह से बच्ची का शव मिला, हत्या उसी जगह की गई या किसी दूसरी जगह पर हत्या करके शव को वहां फेंक दिया गया.
इस बीच पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि जिस स्थान से बच्ची का शव मिला था, उसके पास में कहीं कुछ ब्लड गिरा हुआ है. पुलिस इसकी पुष्टि करने में जुटी हुई है.
पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि बच्ची के शरीर के साथ दरिंदगी उसकी मौत से पहले की गई या बाद में. अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है. उसके शरीर के किसी अंग को काटे जाने की भी पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि पुलिस ने विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक जांच करने का फैसला लिया है.
अब तक की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिये गये लोगों से पूछताछ की जा रही है. जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उसमें बच्ची की मां भी शामिल है. पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि बच्ची की मां जांच में सहयोग नहीं कर रही है. बार-बार बयान बदलती है और बीमारी का बहाना बनाकर पुलिस पूछताछ से बचने की कोशिश करती है. इस कारण पुलिस को उस पर शक बढ़ता जा रहा है.

