देश के कई राज्यों में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) समाप्त हो चुकी है, अब बारी झारखंड की आ गयी है. चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है. उम्मीद है, फरवरी महीने से झारखंड में भी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. इसी को लेकर निर्वाचन आयोग की टीम 8 जनवरी को रांची आने वाली है. भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाल के दो दिवसीय झारखंड दौरे के बाद यह जानकारी सामने आयी है. इस दौरे पर उन्होंने झारखंड में भी मतदाता सूची के शुद्धीकरण और लोकतांत्रिक पारदर्शिता को लेकर अपनी बात कही थी.
अब जानकारी सामने आ रही है कि एसआईआर को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की 8 जनवरी को झारखंड पहुंचेगी. चुनाव आयोग की टीम की समीक्षा के बाद झारखंड में फरवरी में एसआईआर का काम शुरू हो सकता है.
झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया पर भी कुछ जानकारियां सामने आ रही हैं. जानकारी के अनुसार, दूसरे राज्यों से आये अधिकारी बीएलओ ऐप से झारखंड में फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे.
बता दें कि मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्य के लिए 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है. 2003 में कोई मतदाता किस राज्य में था और उसके बाद वह किस राज्य में स्थानांतरित हो गया है, इसी के आधार पर ही मतदाता सूची में मतदाता का नाम रहने या कटने का काम होगा. दूसरे राज्यों में जो करोड़ों नाम हटे हैं, उसमें यही प्रक्रिया अपनायी गयी है.
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, और वे सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा करना होगा.

