झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन ओबीसी छात्रवृत्ति का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। डुमरी विधायक जयराम महतो ने सरकार से पूछा कि आखिर राज्य के ओबीसी छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति क्यों नहीं मिल रही है और क्या सरकार इसे जल्द जारी करेगी।
मंत्री चमरा लिंडा ने सदन को बताया कि केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र से फंड उपलब्ध नहीं होगा, तब तक छात्रवृत्ति की राशि जारी करना संभव नहीं है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति अवश्य दी जाएगी, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों का पालन करना जरूरी है।
केंद्र से फंड को लेकर असमंजस
मंत्री ने कहा कि विभाग भी इस बात को लेकर असमंजस में है कि केंद्र से राशि कब तक मिलेगी। केंद्र से धनराशि प्राप्त होने के बाद ही छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
जयराम महतो का ब्याज मुक्त ऋण का प्रस्ताव
इस पर विधायक जयराम महतो ने एक वैकल्पिक सुझाव देते हुए कहा कि जब तक छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिलती, तब तक राज्य सरकार छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से छात्रवृत्ति का पैसा आए, तो उसी राशि से ऋण की भरपाई कर ली जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक निधि के पांच करोड़ रुपये देने के बजाय अगर उसी राशि का उपयोग छात्रों के भविष्य के लिए किया जाए तो राज्य को अधिक लाभ होगा। “पांच साल विधायक निधि नहीं मिले तो फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर पांच साल तक बच्चे पढ़ाई से वंचित रह गए तो इसका असर पूरे राज्य पर पड़ेगा,” उन्होंने सदन में कहा।
सरकार ने समाधान का दिया भरोसा
मंत्री चमरा लिंडा ने ब्याज मुक्त ऋण के सुझाव पर कहा कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है और जल्द ही इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
ओबीसी छात्रवृत्ति को लेकर सदन में हुई इस बहस ने राज्य में शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

